समय - भरना या खाली करना
समय - भरना या खाली करना (By Sri Pundrik Ji Maharaj) एक बहुत बड़ी जनसँख्या है विश्व की, जिसके लिए समय ही सबसे बड़ी समस्या है। वो, अपने समय को भरने की कोशिश कर रहा है। दोनों प्रकार के लोग हैं, कुछ लोग हैं जो समय को भरने की कोशिश कर रहे हैं, कुछ हैं जो समय को खाली करने की कोशिश कर रहे हैं, और दोनों चीज़ में जटिलता है। कई लोग है, प्रतीक्षा करते हैं, खाली दिन है कैसे भी भर जावे। तो, या तो वह लोग हैं जिनके पास काफी समय है या दूसरे वाले। टाइम मिल जाए बस। अगर पूछो तो बहुत व्यस्त हैं, पर कहाँ, ये पता नहीं। जिस चीज़ में आप व्यस्त हो, वह चीज़ जब समाप्त होगी तभी तो समय निकलेगा। कई बार रूचि भी इस चीज़ का निर्णय करती है। कभी ऐसा होता है कि समय अत्यंत सहज होता है, वो जटिल नहीं होता। जब बहुत ज्यादा हो तब भी जटिल, जब न हो, तब भी जटिल। बहुत हो तो भरने की कोशिश होती है और नहीं हो तो खाली करने की कोशिश होती है। और दोनों ही जटिल प्रक्रियाएं हैं। क्यूंकि इसमें कितना भी प्रयास कर लीजिये, कुछ न कुछ छोड़ना होगा। कोई न कोई उस क्रिया में ...